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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उलà¥à¤Ÿà¥€ होना कà¥à¤¯à¤¾ होता है? (What is Vomiting in Children?)
उलà¥à¤Ÿà¥€ आना कोई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है, बलà¥à¤•ि दिनचरà¥à¤¯à¤¾, खानपान में बदलाव के कारण à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में उलà¥à¤Ÿà¥€ के इन पाà¤à¤š पà¥à¤°à¤•ारों का वरà¥à¤£à¤¨ मिलता है-
-वातज
-पितà¥à¤¤à¤œ
-कफज
-तà¥à¤°à¤¿à¤¦à¥‹à¤·à¤œ
-आगंतà¥à¤œ
वातज- पेट में गैस से होने वाली उलà¥à¤Ÿà¥€ वातज की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आती है। इस तरह की उलà¥à¤Ÿà¥€ कम मातà¥à¤°à¤¾ में कड़वी, à¤à¤¾à¤—वाली और पानी जैसी होती है। लेकिन कई बार इसके साथ सिर का दरà¥à¤¦, सीने में जलन, नाà¤à¤¿ में जलन, खांसी और आवाज का खराब होना आदि समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ होती हैं।
पितà¥à¤¤à¤œ- पितà¥à¤¤ की गरà¥à¤®à¥€ के कारण होने वाली उलà¥à¤Ÿà¥€ पितà¥à¤¤à¤œ की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पीले, हरे रंग की उलà¥à¤Ÿà¥€ आती है और मà¥à¤à¤¹ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बेहद बà¥à¤°à¤¾ हो जाता है। इसमें à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली व गले में जलन हो सकती है। सिर घूमना, बेहोशी à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल है।
कफज- कफ के कारण होने वाली उलà¥à¤Ÿà¥€ इस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आती है। इसमें उलà¥à¤Ÿà¥€ का रंग सफेद और पà¥à¤°à¤•ार गाढ़ा होता है। इसका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ मीठा होता है। मà¥à¤à¤¹ में पानी à¤à¤°à¤¨à¤¾, शरीर का à¤à¤¾à¤°à¥€ होना, बार-बार नींद आना, जैसे लकà¥à¤·à¤£ इस पà¥à¤°à¤•ार की उलà¥à¤Ÿà¥€ में होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• होता है।
तà¥à¤°à¤¿à¤¦à¥‹à¤·à¤œ- तà¥à¤°à¤¿à¤¦à¥‹à¤·à¤œ उलà¥à¤Ÿà¥€ वह होती है जो वात, पितà¥à¤¤ और कफ, तीनों कारणों के चलते होती है। यह गाढ़ी, नीले रंग की या खून की हो सकती है। सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में नमकीन या खटà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है। इसके अलावा पेट में तेज दरà¥à¤¦, à¤à¥‚ख में कमी, जलन, सांस लेने में परेशानी और बेहोशी à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल होता है।
आगंतà¥à¤œ- इस तरह की उलà¥à¤Ÿà¥€ बदबू, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, अरूचिकर à¤à¥‹à¤œà¤¨, पेट में कीड़े या किसी सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ विशेष पर जाने से हो सकती है। इस तरह की उलà¥à¤Ÿà¥€ को आगंतà¥à¤œ छरà¥à¤¦à¤¿ à¤à¥€ कहते हैं।
उलà¥à¤Ÿà¥€ होने के पà¥à¤°à¤•ार-
दूध का फटना- यह तब होता है, जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करता है। उसके पेट में दूध की मातà¥à¤°à¤¾ की अधिकता के कारण à¤à¤¸à¤¾ होता है।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤µà¤¾à¤¹- यह उलà¥à¤Ÿà¥€ आमतौर पर शिशà¥à¤“ं में ही होती है। जब बचà¥à¤šà¥‡ के ऊपर का बालà¥à¤µ गलती से खà¥à¤²à¤¾ रह जाता है तो à¤à¥‹à¤œà¤¨, à¤à¥‹à¤œà¤¨ पाइप से उलà¥à¤Ÿà¤¾ आ सकता है, यह कोई बीमारी नहीं है। यह समय के साथ ठीक हो जाता है।
उलà¥à¤Ÿà¥€ का पà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ªà¥à¤¯- à¤à¤¸à¤¾ तब होता है, जब आपका बचà¥à¤šà¤¾ अपने पेट की सामगà¥à¤°à¥€ को शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ तरीके से बाहर निकालता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने के उपाय ( How to Prevent Vomiting in Children)
बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पीने के बाद उलà¥à¤Ÿà¥€ होना मतलब बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ है। उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने की कोशिश कà¤à¥€ न करें। उलà¥à¤Ÿà¥€ को रोकने पर बचà¥à¤šà¥‡ को छाती में घà¥à¤Ÿà¤¨ हो सकती है जो उसके लिठखतरनाक हो सकता है। बचà¥à¤šà¥‡ की उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रोकना आपके बस में नहीं है और रोकने की कोशिश करनी à¤à¥€ नहीं चाहिà¤à¥¤ लेकिन अगर बचà¥à¤šà¤¾ अधिक उलà¥à¤Ÿà¥€ करता है तो इन तरीकों के जरिये इसे कम जरूर कर सकते हैं।
-बचà¥à¤šà¥‡ को केवल सही समय पर और उचित मातà¥à¤°à¤¾ में ही à¤à¥‹à¤œà¤¨ या दूध दें। जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम न दें।
-बचे को à¤à¤• साथ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फीड कराने या à¤à¥‹à¤œà¤¨ कराने के सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर उसे थोड़ा-थोड़ा ही खाना दें।
-यदि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के बाद दूध उलटता है, तो उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान ही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार-बार डकार दिलाà¤à¤‚।
-यदि शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बोतल में निपà¥à¤ªà¤² का छेद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ा न हो।
-दूध पीने के ठीक बाद शिशॠको अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर न उछालें, उछलने वाली कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर न बिठाà¤à¤‚ या बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ न होने दें। à¤à¥‹à¤œà¤¨ को पेट में समायोजित होने के लिठसमय चाहिठहोता है। खाना खाने के बाद आधे घंटे तक शिशॠको सीधा रखने से मदद मिल सकती है।
-समय-समय पर थोड़ी-थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या à¤à¥‹à¤œà¤¨ करवाने से कई बार उलà¥à¤Ÿà¥€ कम करने में मदद मिल सकती है। आप à¤à¥€ यह आजमाकर देख सकती हैं।
-बचà¥à¤šà¥‡ को खाना खिलाने के 30 मिनट बाद तक सीधे बिठा कर रखें।
-अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार दे रही हैं तो धीरे-धीरे खिलाà¤à¤‚। छह माह के बाद अकà¥à¤¸à¤° जब आप बचà¥à¤šà¥‡ को ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥ करते हैं तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में बचà¥à¤šà¥‡ उलà¥à¤Ÿà¥€ कर सकते हैं।
-à¤à¤• साथ पूरा खाना न खिलाà¤à¤‚। थोड़ा-थोड़ा करके खिलाà¤à¤‚।
-चलती कार में सफर के दौरान होने वाली मिचली को कम करने के लिà¤, बीच-बीच में कई बार रà¥à¤•ें, ताकि शिशॠको ताजा हवा मिल सके और उसके पेट को आराम मिले। यदि शिशॠठोस आहार खाता है तो उसे यातà¥à¤°à¤¾ शà¥à¤°à¥ करने से पहले थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में सेहतमंद सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ दें। पेट थोड़ा à¤à¤°à¤¾ होने से मदद मिलेगी। साथ ही उसके शरीर में जल की मातà¥à¤°à¤¾ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रखने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ दें।
-बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हमेशा आरामदायक कपड़े ही पहनाठऔर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखे कि डायपर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट न हो। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट कपड़ों से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गरà¥à¤®à¥€ हो सकती है जिसकी वजह से वह उलà¥à¤Ÿà¥€ कर सकता है।
-खाना खिलाने के बाद शिशॠको डकार अवशà¥à¤¯ दिलवाà¤à¤‚। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ महीनों में यह बेहद जरूरी होता है।
-शिशॠको खाना खिलाने के बाद कम से कम आधे घंटे तक सीधा रखें और उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हंसाये à¤à¥€ नहीं।
-खाना खाने के तà¥à¤°à¤‚त बाद और सोते समय à¤à¥€ शिशॠको पेट के बल न लिटाये।
-अपने शिशॠको खाना खाने के बाद जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिलाठनहीं।
-शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराते समय उसकी पोजिशन को सही रखें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने के घरेलू उपाय:
1 अनार का रस बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
जब बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हों तो उसे नींबू का रस और अनार का रस मिलाकर पिलाà¤à¤‚। इससे उलà¥à¤Ÿà¥€ बंद हो जाती है। चाहे तो इसमें शहद à¤à¥€ मिला सकती हैं।
2 नींबू बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
जब बचà¥à¤šà¥‡ को गरà¥à¤®à¥€ लग जाने की वजह से उलà¥à¤Ÿà¥€ हो रही हो तो à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़े से पानी में नमक और नींबू का रस मिलाकर पिलाà¤à¤‚। यह घोल बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में दो से तीन बार पिलाà¤à¤‚ उससे अधिक न दें।
3 पà¥à¤¯à¤¾à¤œ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
यदि बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› पच नहीं रहा हो तो आप पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को कदà¥à¤¦à¥‚कस करके उसका रस बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में दो से तीन बार दे। इससे उलà¥à¤Ÿà¥€ बंद हो जाती है।
4 अदरक बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ अदरक खाना पसंद नहीं करते हैं। इसलिठआप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अदरक वाली चाय दे सकते हैं। इससे उनका जी मिचलाना बंद हो जाà¤à¤—ा और वे खाने-पीने à¤à¥€ लगेंगे। इससे पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ बेहतर होती है।
5 चावल का पानी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
उलà¥à¤Ÿà¥€ यदि गैस के कारण हो रही है तो उसे उबले हà¥à¤ चावल का पानी पिलाà¤à¤‚। दिन में तीन बार दो से तीन चमà¥à¤®à¤š चावल का मांड पिलाà¤à¤‚। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का उलà¥à¤Ÿà¥€ आना बंद होने लगता है।
6 इलायची बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
इलायची के बीजों को तवे पर à¤à¥‚नकर चूरà¥à¤£ बना लें। इसके बाद इस चूरà¥à¤£ को लगà¤à¤— 2-2 गà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में शहद के साथ मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में 3 बार चटाà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आना धीरे-धीरे बंद होने लगता है।
7 धनिया का मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ काढ़ा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
धनिया, सौंफ, जीरा, इलायची तथा पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ सà¤à¥€ को समान मातà¥à¤°à¤¾ में लेकर पानी में à¤à¤¿à¤—ो दें। इसके बाद जब ये सारी चीजें फूल जाà¤à¤‚ तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पानी में ही मसल लें और इस पानी को छान लें। इसके बाद इस पानी को बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में तीन से चार बार पिलाà¤à¤‚। इससे बचà¥à¤šà¥‡ को उलà¥à¤Ÿà¥€ होना बंद हो जाà¤à¤—ा।
8 तà¥à¤²à¤¸à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की उलà¥à¤Ÿà¥€ रोकने में फायदेमंद
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के ताजे पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ं का à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š रस निकालकर उसमें शहद मिलाकर पिलाने से राहत मिलती है।
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